जानिए खाने के उन 9 बड़े ब्रांड्स के बारे में जो अब भारतीय संस्कृति का हिस्सा बन चुके हैं !


1

जिन खाने कि चीज़ों को आज हम आसानी से खाते हैं, उन्हीं चीजों को खाना हमारे स्कूली दिनों की सबसे बेस्ट मेमोरी थी। लंच के डब्बे में मैगी हो, चाहे जेब में पॉपिंस कैंडी का पैकेट हम सबकी यादें कहीं ना कहीं इनसे जुड़ी हुई है।

याद है गर्मियों के मौसम में स्कूल के पानी वाले बॉटल में रसना लेकर जाना या फिर हर रोज़ मां के हाथ से रात में बोर्न विटा पीना।

कैडबरी

कैडबरी की चॉकलेट खाना पहले के समय में एक अलग ही एहसास पैदा करता था। आपको बता दें कि ये कंपनी भारत में साल 1948 में अाई थी। छोटी छोटी बर्थडे पार्टी से लेकर बड़े बड़े त्योहार बिना कैडबरी के अधूरी रह जाती है।

हॉर्लिक्स

भारत देश से सबसे ज्यादा सेल करने वाली हॉर्लिक्स आज हर घर के किचन में मौजूद होता है। आजकल ये केसर, बादाम जैसे अलग अलग तरह के फ्लेवर में आने लगा है। याद है बचपन में हॉर्लिक्स पाउडर को खाना?

मैगी


याद है कुछ साल पहले जब मैगी पर बैन लगा दिया गया था, तब लोग काफी उदास हुए थे। आज मैगी दुबारा हम सब के बीच लौट चुका है।

अमूल


सुबह पराठे पर अमूल का बटर हो चाहे रात के डिनर में अमूल का दही, इस गिनीज़ बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल प्रोडक्ट अमूल हम सबकी पसंदीदा है।

रसना

स्कूल से घर आने के बाद रसना स्कूल लाइफ कि याद ताज़ा कर देती है। साल 1976 को भारत में अाई रसना ने बाकी सभी ड्रिंक को पछाड़ दिया था।

पोपिंस

अलग अलग रंगों और अलग अलग स्वाद के ये कैंडी लगभग सब के पसंदीदा थे।

पारले जी

ये हमारे स्कूल लाइफ में हमारे बैग में पाए जाने वाला सबसे ख़ास आइटम है जिसको हमारी मां घर से निकलने से पहले हमारे स्कूल बैग में डाल दिया करती थी।

कीसमी


इस चॉकलेट को शायद ही कोई भूल सकता है। इलायची और चॉकलेट फ्लेवर वाले इस चॉकलेट को लोग काफी ज्यादा पसंद करते हैं।

रूह अफजा

ये वही शर्बत है जो घर में आय मेहमानों को दिए जाते थे। ये केवल एक शर्बत ही नहीं बल्कि इसको लोग डेजर्ट के रूप में भी अपनाते हैं। शायद ही कोई किचन होगा जहां रूह आफजा ना हो।


Like it? Share with your friends!

1

0 Comments

Your email address will not be published. Required fields are marked *