टाटा मोटर्स से जुड़े ये मजेदार रोचक तथ्य जान कर आप भी हैरत में पड़ जाएंगे


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कहते है किसी भी कंपनी को कामयाबी तभी मिलती है जब कंपनी के वर्कर्स और अन्य मेंबर्स अपना पूरा योगदान कंपनी को देते हैं. वहीँ बात अगर टाटा मोटर्स की करें तो टाटा समूह की सफलता को इसके आंकड़े बखूबी बयान करते हैं. साल 2005 में इसकी कुल सालाना आय 66,229 डॉलर थी. रिपोर्ट्स के अनुसार साल 2008 में टाटा मोटर्स में लगभग 2 लाख 46 हज़ार वर्कर्स काम करते थे और अबी यह आंकड़ा बढ़ कर दुगना होने की कगार पर है. देश के कईं युवाओं को टाटा मोटर्स रोज़गार प्रदान कर रहा है. आज के इस ख़ास लेख में हम आपको टाटा मोटर्स से जुड़े कुछ ऐसे दिलचस्प और मजेदार रोचक तथ्यों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनसे शायद आप पहले से वाकिफ नहीं होंगे.

वैश्विक उपस्थिति

टाटा मोटर्स ब्रिटेन के जगुआर लैंड रोवर का मालिक है. Tata Motors आज दुनिया भर में लगभग 8.5 मिलियन से अधिक वाहनों की बिक्री कर रही है, यानी आज के समय में टाटा ब्रांड के 8.5 मिलियन से अधिक वाहन मौजूद हैं. निर्यात के माध्यम से, कंपनी 1961 से अपनी अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति का विस्तार कर रही है. आज कंपनी तेजी से बदलती ऑटोमोटिव मानदंडों और ग्राहकों की अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए अच्छी तरह से पूरा करने में सक्षम है.

भारत की पहली स्पोर्ट्स कार

अपने उप-ब्रांड टैमो के तहत, टाटा मोटर्स ने भारत की पहली स्पोर्ट्स कार रेसमो लॉन्च की थी. यह कार एक तेज़ गति वाली स्पोर्ट्स कार थी जोकि छह सेकंड के भीतर 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ सकती है. इस कार की सबसे बड़ी खासियत कार के दरवाज़े हैं जो उसे एक प्रीमियम लुक देते हैं. इसका डिजाईन और वज़न काफी सोच समझ कर तैयार किया गया है. कार की लांच में दो मॉडल लाये गए हैं जिसमे से एक मॉडल रेसमो है और दूसरा मॉडल रेसमो प्लस है.

70 साल पुराणी है कंपनी

आपको यह बात जानकर हैरानी होगी कि टाटा मोटर्स पिछले 70 सालों से लाखों ग्राहकों की अपेक्षाओं पर खरी उतरी है. कंपनी ने अपनी नींव साल 1945 में रखी थी. समय के साथ साथ इस कंपनी ने काफी उन्नति कर ली है और अब इसने डेमलर बेंज के साथ टाईअप कर लिया है.

शुरुआत में थी ट्रकों के लिए लोकप्रिय

गौरतलब है कि टाटा मोटर्स को शुरुआती दौर में ट्रक्स बनाने के लिए जाना जाता था. कंपनी द्वारा निर्मित तीन ट्रकों ने वर्ष 1955 में जिनेवा-बॉम्बे रैली में भाग लिया था. आपको बता दें कि टाटा मोटर्स पिछले 50 सालों से लगभग 45 से अधिक देशों में अपने ट्रक एक्सपोर्ट कर रहा है. कंपनी ने साल 1961 अपना पहला ट्रक श्री लंका में एक्सपोर्ट किया था.

टाटा 407 ने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में मचाई थी धूम

Tata Motors ने 1986 में अपना Tata 407 लॉन्च किया. इसके लॉन्च पर, वाहन ने आयशर-मित्सुबिशी, डीसीएम टोयोटा, स्वराज माजदा और ऑल्विन-निसान से अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता को ध्वस्त कर दिया. 407 की तरह ही अत्यधिक लोकप्रिय होते हुए, मॉडल ने भारतीय निर्मित समाधान के माध्यम से वाहन निर्माता को हल्के वाणिज्यिक वाहन स्थान में बदल दिया।

पहला नाम था टेल्को

आज जिस कंपनी को हम टाटा मोटर्स के नाम से जानते हैं, उसका पहला नाम टेल्को(टाटा इंजिनीयरिंग ऐंड लोकोमोटिव कंपनी लिमिटेड)था. यह टाटा की प्रमुख कंपनियों में से एक है जोकि व्यवसायक वाहन बनाती है. कंपनी की स्थापना रेल इंजन और अभियांत्रिकी के लिए की गई थी परंतु अब यह भारी एवं हलके दोनों वाहनों का निर्माण करती है.


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Kirti Kalra

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